Nature Nature

जानिए बारिश के मौसम में दही खाने से इसका स्वास्थ्य पर असर

Nature

समाचार गढ़ 24 जुलाई 2024 दही एक पोषक तत्व से भरपूर भोजन है जो हमारे स्वास्थ्य को कई फायदे प्रदान करता है। दही कैलोरी, प्रोटीन, वसा, कार्बोहाइड्रेट, शर्करा, कैल्शियम, फास्फोरस, राइबोफ्लेविन, विटामिन बी 12 और पोटेशियम से भरपूर है। दही का नियमित सेवन स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी हो सकता है, लेकिन इसका संतुलित मात्रा में और उचित प्रकार से सेवन करना चाहिए। दही खाने के कुछ फायदे हो सकते हैं जैसे, दही का सेवन पाचन में सुधार, प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाना, हड्डियों और दांतों की मजबूती, वजन घटाने में सहायक, हृदय स्वास्थ्य के लिए बेहतर और त्वचा के लिए फायदेमंद हो सकता है। हालांकि दही का सेवन सही मात्रा में और सही समय पर किया जाना जरूरी है। मानसून के दौरान दही खाना कुछ लोगों के लिए चिंता का विषय हो सकता है, खासकर भारतीय परंपराओं और आयुर्वेदिक मान्यताओं के आधार पर। मानसून में दही का सेवन सुरक्षित हो सकता है यदि इसे उचित तरीके से और संतुलित मात्रा में खाया जाए। हालांकि, अगर आपको किसी भी प्रकार की असुविधा होती है, तो अपने चिकित्सक से सलाह लेना सबसे अच्छा होता है।

दही खाने का सही समय

आयुर्वेद में दही खाने की सलाह दी जाती है। कहा जाता है कि दही का सेवन सुबह या दोपहर के खाने में करना चाहिए। रात में दही नहीं खाना चाहिए। वहीं आयुर्वेद में मानसून में दही के सेवन की मनाही है। इसका आयुर्वेदिक कारण भी है। कहा जाता है कि बारिश में दही खाने के कुछ दुष्प्रभाव हैं।

मानसून में दही न खाने की वजह और नुकसान

मानसून के बीच सावन का महीना आ जाता है। आयुर्वेद के मुताबिक, इस महीने में शरीर के दोष असंतुलित हो जाते हैं। वात बढ़ जाता है और पित्त जमा हो जाता है। मानसून में पेट संबंधी कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं। दही पाचन के लिए भले ही बेहतर है लेकिन सावन में दही का सेवन शरीर के छिद्र बंद कर सकता है और कई तरह की शारीरिक समस्याएं बढ़ सकती हैं।

दही को ठंडा और भारी माना जाता है और इसे मानसून के दौरान खाने से कफ दोष बढ़ सकता है, जो सर्दी, खांसी, और गले में खराश जैसी समस्याएं पैदा कर सकता है। मानसून के दौरान वातावरण में नमी और तापमान की वजह से बैक्टीरिया और अन्य रोगजनक जीवाणुओं की वृद्धि हो सकती है, जिससे दही भी प्रभावित हो सकता है यदि उसे सही तरीके से संग्रहित नहीं किया गया हो।

सावधानियां:

मानसून के दौरान ताजा और सही तरीके से संग्रहित दही का सेवन करें ताकि संक्रमण का खतरा कम हो।
अत्यधिक मात्रा में दही खाने से बचें, खासकर रात के समय, क्योंकि यह पाचन में समस्या पैदा कर सकता है।
अगर आपको दही खाने से किसी प्रकार की असुविधा या एलर्जी होती है, तो इसका सेवन बंद कर दें और अपने चिकित्सक से परामर्श लें।

Related Posts

राजस्थान में फिर बदला मौसम, नए पश्चिमी विक्षोभ से आंधी-बारिश का दौर शुरू, कई जिलों में अलर्ट

समाचार गढ़, 4 जून 2026। राजस्थान में एक बार फिर मौसम ने करवट ली है। नए पश्चिमी विक्षोभ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के सक्रिय होने से बुधवार से राज्य के कई…

मौसम अपडेट, 3-4 जून को एक और पश्चिमी विक्षोभ होगा सक्रिय, अगले एक सप्ताह गर्मी व हीटवेव से राहत की संभावना

समाचार गढ़ 1 जून 2026। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर ने राज्य के कुछ भागों में आगामी एक सप्ताह में मेघगर्जन के साथ आंधी-बारिश की गतिविधियां जारी रहने की प्रबल संभावना…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

जिले की 191 पात्र गौशालाओं को करीब 73 करोड़ रुपये के अनुदान का अनुमोदन

जिले की 191 पात्र गौशालाओं को करीब 73 करोड़ रुपये के अनुदान का अनुमोदन

राज्यसभा उपचुनाव: भाजपा ने सतीश पूनिया और अलका गुर्जर पर जताया भरोसा, ओडिशा उपचुनाव में देबाशीष सामन्तराय को बनाया प्रत्याशी

राज्यसभा उपचुनाव: भाजपा ने सतीश पूनिया और अलका गुर्जर पर जताया भरोसा, ओडिशा उपचुनाव में देबाशीष सामन्तराय को बनाया प्रत्याशी

सरिस्का में पहली बार दिखा दुर्लभ सफेद मोर, पर्यटकों के कैमरे में कैद हुआ अनोखा नजारा

सरिस्का में पहली बार दिखा दुर्लभ सफेद मोर, पर्यटकों के कैमरे में कैद हुआ अनोखा नजारा

इंतकाल दर्ज करने के बदले मांगे 30 हजार, 15 हजार लेते पटवारी रंगे हाथों गिरफ्तार

इंतकाल दर्ज करने के बदले मांगे 30 हजार, 15 हजार लेते पटवारी रंगे हाथों गिरफ्तार

राजस्थान में फिर बदला मौसम, नए पश्चिमी विक्षोभ से आंधी-बारिश का दौर शुरू, कई जिलों में अलर्ट

राजस्थान में फिर बदला मौसम, नए पश्चिमी विक्षोभ से आंधी-बारिश का दौर शुरू, कई जिलों में अलर्ट

सोशल मीडिया से सड़क तक पहुंची कॉकरोच जनता पार्टी, 6 जून को दिल्ली में आंदोलन की तैयारी

सोशल मीडिया से सड़क तक पहुंची कॉकरोच जनता पार्टी, 6 जून को दिल्ली में आंदोलन की तैयारी
Social Media Buttons
error: Content is protected !!
Verified by MonsterInsights