समाचार गढ़, 20 जून 2025। धीरदेसर चोटियान गांव में शराब ठेका बंद करने की मांग को लेकर ग्रामीणों का धरना आज 294वें दिन भी अनवरत जारी रहा। गांव के युवा, बुजुर्ग और बच्चे लम्बे समय से शांतिपूर्वक शराबबंदी की मांग को लेकर भीषण गर्मी और अब बरसात के मौसम में संघर्ष कर रहे हैं।
न्यायालय द्वारा मतदान करवाने के स्पष्ट आदेश के बावजूद प्रशासन की ओर से अभी तक वोटिंग की तिथि घोषित नहीं की गई है, जिसे ग्रामीण दुर्भाग्यपूर्ण मान रहे हैं। खुले टेंट के नीचे बैठे ग्रामीणों की कोई सुध लेने को प्रशासन तैयार नहीं दिख रहा है। ग्रामीणों का सवाल है कि जब न्यायालय ने आदेश दे दिया है, तो फिर सरकार और प्रशासन किस दबाव में कार्य कर रहे हैं?
गांव में शराब की त्रासदी झेल चुके ग्रामीण कड़ाके की सर्दी से लेकर अब तक खुले मैदान में डटे हुए हैं और वोटिंग की तिथि की घोषणा का इंतजार कर रहे हैं।
धरने पर पहुंचे पूर्व विधायक गिरधारीलाल महिया ने कहा, “हठधर्मी सरकार लोकतंत्र को खत्म करने पर आमादा है। प्रशासन सरकार के दबाव में न्यायालय के आदेशों की अवहेलना कर रहा है। आमजन के लोकतांत्रिक अधिकारों को द्वेषपूर्ण तरीके से कुचला जा रहा है, जिसका परिणाम सरकार को भुगतना पड़ेगा। जनहित में चलाए जा रहे इस आंदोलन को अब और तेज किया जाएगा।”

आज धरने पर आदूराम, चुन्नीलाल, किशनाराम, हनुमान, मुखराम, रामचन्द्र चोटिया, मामराज, लेखराम, विनोद शर्मा, गणेशाराम, शंकर, जीवणराम और किशन चोटिया सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।




















