समाचार गढ़ 12 मार्च 2026, जयपुर। राजस्थान में आगामी जनगणना के बाद होने वाले परिसीमन के चलते विधानसभा सीटों की संख्या में बड़ा इजाफा हो सकता है। विधानसभा स्पीकर वासुदेव देवनानी ने संकेत दिए हैं कि मौजूदा 200 सीटों में करीब 70 नई सीटें जुड़ सकती हैं, जिससे कुल संख्या बढ़कर लगभग 270 हो सकती है। उन्होंने कहा कि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विधानसभा में करीब 280 विधायकों के बैठने की क्षमता वाला नया हॉल तैयार करने की योजना है, जिसका ढांचा पहले से तैयार है।
देवनानी ने यह बात जयपुर के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब, जयपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कही, जहां उनकी किताब का विमोचन और अध्यक्ष के रूप में दो साल के कार्यकाल को लेकर चर्चा हुई। उन्होंने बताया कि विधानसभा में अभी 200 विधायकों के बैठने की व्यवस्था है, लेकिन परिसीमन के बाद सीटें बढ़ने की संभावना को देखते हुए अतिरिक्त व्यवस्था की तैयारी की जा रही है। फिलहाल सदन में युवा संसद और छात्र संसद जैसे कई कार्यक्रम भी आयोजित होते हैं, जिनमें बड़ी संख्या में छात्र और अतिथि आते हैं।
इसी बीच विधानसभा में संसद की तर्ज पर सेंट्रल हॉल बनाने की भी योजना है। इसके लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने करीब 14 करोड़ रुपए देने की घोषणा की है। प्रस्तावित सेंट्रल हॉल में सभी दलों के विधायक एक साथ बैठकर चर्चा कर सकेंगे और वहां चाय-नाश्ते व भोजन की व्यवस्था भी रहेगी।
दरअसल, राजस्थान में विधानसभा सीटों की संख्या में आखिरी बड़ा बदलाव 1977 में हुआ था, जब सीटें बढ़कर 200 हो गई थीं। उससे पहले 1952 के पहले विधानसभा चुनाव में 160 सीटें थीं, 1957 में यह बढ़कर 167 और 1967 में 184 हो गई थीं। लंबे समय से सीटों में बदलाव नहीं होने के कारण अब परिसीमन के बाद प्रदेश की राजनीतिक तस्वीर में बड़ा बदलाव संभव माना जा रहा है।
परिसीमन की प्रक्रिया शुरू होने पर परिसीमन आयोग गठित किया जाएगा, जिसकी सिफारिशों के आधार पर नए विधानसभा क्षेत्र बनाए जा सकते हैं, कुछ पुराने क्षेत्रों की सीमाएं बदल सकती हैं और कई सीटों का आरक्षण भी तय किया जाएगा। इससे प्रदेश में नई राजनीतिक संभावनाएं बनेंगी और कई नए नेताओं को विधानसभा तक पहुंचने का मौका मिल सकता है।










