समाचार गढ़ 4 अप्रैल 2026। बीकानेर के मशहूर भुजिया उद्योग पर एक बार फिर महंगाई की मार पड़ने वाली है। हाल ही में कीमतों में 20 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई थी, और अब मजदूरों की बढ़ती मजदूरी मांग के चलते इसमें करीब 20 रुपये तक का और इजाफा होने की संभावना जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि नई दरें अगले एक-दो दिनों में लागू हो सकती हैं।
दरअसल, कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी, पैकेजिंग खर्च और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों ने उत्पादन लागत को काफी बढ़ा दिया है। वहीं मध्य पूर्व में ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव का असर निर्यात पर भी साफ दिखाई दे रहा है। निर्यात महंगा होने के कारण बीकानेर के सैकड़ों व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
स्थिति यह है कि करीब 800 से अधिक भुजिया व्यापारी इस संकट से प्रभावित हैं, जबकि लगभग 100 कंटेनर रास्ते में फंसे हुए हैं। पहले जहां सप्लाई में 25 से 30 दिन लगते थे, अब वही समय बढ़कर 50 से 60 दिन तक पहुंच गया है, जिससे कारोबारियों की चिंता बढ़ गई है।
निर्यातक वेद प्रकाश अग्रवाल के अनुसार, बढ़ती एक्सपोर्ट लागत ने भुजिया उद्योग की रफ्तार को धीमा कर दिया है। कई फैक्ट्रियों में उत्पादन कम हो गया है और कामकाज प्रभावित हुआ है। बीकानेर में रोजाना लगभग 10 टन भुजिया का उत्पादन होता है, जिसमें से करीब 70 प्रतिशत माल विदेशों में भेजा जाता है, लेकिन मौजूदा हालात में यह पूरी तरह से प्रभावित हो रहा है।














