दिनांक 05 -10 -2022 के पंचांग के साथ जाने और भी कई खास बातें आचार्य राजगुरू पंडित रामदेव उपाध्याय के साथ
श्री गणेशाय नम:
तिथि वारं च नक्षत्रं
योगो करणमेव च ।
पंचागं श्रृणुते नित्यं
श्रीगंगा स्नानं फलं लभेत् ।।
शास्त्रों के अनुसार नित्य पंचांग के तिथि, वार, नक्षत्र ,योग ,करण आदि पांच अंगों को सुनने से गंगा स्नान के बराबर फल मिलता है अतः नित्य पंचांग अवश्य सुनना चाहिए।। *आज का पंचांग*
दिनांक- 05/10/2022
श्री डूंगरगढ़
अक्षांश – 28:06
रेखांश – 74:04
पंचांग
विक्रम संवत् – 2079
शक संवत् – 1944
* ऋतु – शरद
* अयन- दक्षिणायण
* मास – आश्विन
* पक्ष- शुक्ल
* तिथि- दशमी 11:56
* वार- बुधवार
* नक्षत्र – श्रवण 21:10
* योग- सुकर्मा 08:15 उपरांत धृति
* करण- गर प्रातः11:56:12 उपरांत वणिज
* चंद्र राशि – मकर
*चंद्र बल – मेष, वृषभ, कर्क, सिंह, कन्या, वृश्चिक, धनु, मकर, मीन
सम्वत् नाम – शुभकृत
सूर्योदय – 06:31 A.M सूर्यास्त – 06:13 P.M.
दिनमान – 11:42
रात्रिमान – 12:18 *शुभ समय* बुधवार को अभिजित मुहूर्त नहींं
अशुभ समय
यमगण्ड – प्रातः07:30 बजे से 09:00 तक राहुकाल- मध्याह्न 12:00 से 01:30 बजे तक
*(विशेष- राहुकाल चक्र भारत के दक्षिण संभाग में ही मान्य है दक्षिण संभाग के लोगों को शुभ कार्यो में राहु काल के समय का त्याग करना चाहिए किंतु उत्तर भारत में राहुकाल का समय शुभ कार्यों में त्यागने की आवश्यकता नहीं है । ) **
कालवेला या अर्द्धयाम 1.प्रात:09:26:30 से 10:54:15 बजे तक 2.रात्रि 03:26:30 बजे से 04:58:45 बजे तक
गुलिक काल – प्रातः10:30 से 12:00 बजे तक
दिशा शूल – उत्तर दिशा विशेष वर्जित एवं यथासंभव सभी दिशाओं की यात्रा टालें
चौघड़िया ( दिन)
1.लाभ- प्रातः 06:31बजे से 07: 58:45 तक
2.अमृत – प्रातः07:58:45 बजे से 09:26:30 तक
3.काल-प्रातः 09:26:30बजे से 10:54:15 तक(काल वेला निषेध)
4.शुभ-प्रातः 10:54:15 बजे से 12:22:00 तक
5.रोग-दोपहर 12:22:00 बजे से 01:49:45 तक (वारवेला निषेध)
6.उद्वेग – दोपहर 01:49:45 बजे से 03:17:30 तक
7.चंचल-सांय 03:17:30 बजे से 04:45:15 तक
8.लाभ- सायं 04:45:15 बजे से 06:13 तक
चौघड़िया ( रात्रि)
1.उद्वेग- रात्रि 06:13बजे से 07:45:15 तक
2.शुभ- रात्रि 07:45:15 बजे से 09:17:30 तक
3.अमृत- रात्रि 09:17:30 बजे से 10:49:45 तक
- चंचल- रात्रि 10:49:45 बजे से 12:22:00 तक
5.रोग- रात्रि 12:22:00 बजे से 01:54:15 तक
6.काल- रात्रि 01:54:15 बजे से 03:26:30 तक
7.लाभ- रात्रि 03:26:30 बजे से 04:58:45 तक (काल वेला निषेध )
8.उद्वेग – रात्रि 04:58:45 बजे से 06:31 तक
विशेष पर्व
सरस्वती विसर्जन एवं विजयादशमी
राजगुरु पंडित रामदेव उपाध्याय ( शास्त्री-आचार्य ,ज्योतिष विद्, बी.ए.)
भू.पू. सहायक आचार्य
श्री ऋषिकुल संस्कृत विद्यालय
श्री डूंगरगढ़
M.N. 9829660721











