शादी का झांसा, पांच साल तक शोषण और लाखों की चोरी का आरोप, लालगढ़ जाटान के थानाधिकारी पर दर्ज हुआ मुकदमा
समाचार गढ़, श्रीगंगानगर। जिले के लालगढ़ जाटान थानाधिकारी पुलिस इंस्पेक्टर गुरमेलसिंह गंभीर आरोपों के चलते विवादों में घिर गए हैं। जोधपुर निवासी एक महिला ने उन पर शादी का झांसा देकर करीब पांच वर्षों तक देहशोषण करने, मानसिक प्रताड़ना देने और लाखों रुपये नकद सहित सोने-चांदी के आभूषण हड़पने के आरोप लगाए हैं। महिला की शिकायत के आधार पर हिंदूमलकोट थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस अधीक्षक को दिए गए प्रार्थना पत्र में पीड़िता ने बताया कि वर्ष 2019 में उसके बेटे की सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। दुर्घटना क्लेम से संबंधित कार्य के दौरान उसकी मुलाकात उस समय जोधपुर यातायात पुलिस में तैनात सीआई गुरमेलसिंह से हुई। महिला का आरोप है कि बेटे की मौत के बाद उसके अकेलेपन का फायदा उठाते हुए पुलिस अधिकारी ने उससे नजदीकियां बढ़ाईं और शादी का वादा किया।
महिला का कहना है कि वर्ष 2021 में शादी का भरोसा दिलाकर उसके साथ पहली बार शारीरिक संबंध बनाए गए और इसके बाद अलग-अलग स्थानों पर लगातार उसका शोषण किया जाता रहा। आरोप है कि गुरमेलसिंह के जोधपुर, बीकानेर, जयपुर और बाद में श्रीगंगानगर में हुए स्थानांतरण के दौरान भी यह सिलसिला जारी रहा और सरकारी क्वार्टरों व अन्य स्थानों पर उसे बुलाकर संबंध बनाए गए।
शिकायत में महिला ने यह भी आरोप लगाया है कि 11 जून को लालगढ़ जाटान थाने के दो पुलिसकर्मियों ने उसका मोबाइल फोन छीनकर उसमें मौजूद डेटा डिलीट कर दिया। साथ ही उसे कानूनी कार्रवाई करने पर झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी भी दी गई।
महिला के अनुसार 15 जून को जब वह लालगढ़ जाटान स्थित सरकारी क्वार्टर में अपना सामान लेने पहुंची तो वहां रखे दो संदूकों के ताले टूटे मिले। उसने आरोप लगाया कि संदूकों में रखे करीब 45 लाख रुपये नकद, सोने-चांदी के आभूषण और अन्य कीमती सामान गायब था। महिला का दावा है कि नकदी उसके दिवंगत पुत्र की कमाई और परिवार की जमा पूंजी थी।
प्रकरण में दो तोला सोने की चेन, अंगूठियां, तीन तोला सोने का हार, करीब एक किलो चांदी के आभूषण तथा घरेलू उपयोग का अन्य सामान गायब होने का भी आरोप लगाया गया है।
मामले की जांच महिला थाना प्रभारी पुलिस इंस्पेक्टर कलावती चौधरी को सौंपी गई है। सूत्रों के अनुसार पीड़िता का मेडिकल परीक्षण भी कराया जा चुका है और पुलिस विभिन्न पहलुओं से जांच में जुटी हुई है। हालांकि मामला दर्ज होने के कई दिन बाद भी आरोपी पुलिस अधिकारी को थाना प्रभारी पद से नहीं हटाए जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
सीआई ने आरोपों को बताया निराधार
दूसरी ओर, पुलिस इंस्पेक्टर गुरमेलसिंह ने महिला के सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि महिला को उन्होंने घरेलू कामकाज के लिए रखा था और अब वह उन्हें ब्लैकमेल करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने अपने खिलाफ लगाए गए सभी आरोपों को झूठा और बेबुनियाद बताया है।
नोट: मामले में दर्ज शिकायत और आरोपों की जांच जारी है। अंतिम सच्चाई जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।









