समाचार-गढ़ 3 अक्टूबर, 2026।
बीकानेर में साइबर ठगी का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें पीड़ित के मोबाइल पर न तो कोई OTP आया और न ही बैंक की ओर से रकम कटने का कोई अलर्ट मिला। इसके बावजूद तीन दिनों में उसके खाते से कुल 2,81,600 रुपये ट्रांसफर कर दिए गए। मामला जय नारायण व्यास कॉलोनी थाना क्षेत्र का है। पीड़ित की रिपोर्ट पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
तीन दिन में अलग-अलग खातों में ट्रांसफर हुए पैसे
खतूरिया कॉलोनी निवासी अरविंद सिंह का आईसीआईसीआई बैंक में खाता है। रिपोर्ट के मुताबिक, साइबर ठगों ने एक साथ बड़ी रकम निकालने के बजाय अलग-अलग दिनों में ट्रांजेक्शन किए।
20 सितंबर को दोपहर 2:05 बजे खाते से 90,000 रुपये यस बैंक से जुड़ी एक यूपीआई आईडी पर ट्रांसफर किए गए। इस यूपीआई आईडी में सुभाजीत नाम दर्ज था।
इसके अगले दिन 21 सितंबर को शाम 4:09 बजे इंडसइंड बैंक से जुड़ी यूपीआई आईडी पर 95,800 रुपये भेजे गए। इस आईडी में राकेश नाम दर्ज था।
इसके बाद 22 सितंबर को शाम 4:43 बजे सेंट्रल बैंक से जुड़ी यूपीआई आईडी पर फिर 95,800 रुपये ट्रांसफर कर दिए गए। इस आईडी में मनीष नाम दर्ज था।
इस तरह तीन दिनों में खाते से कुल 2,81,600 रुपये निकल गए।
न OTP मिला, न पैसे कटने का SMS
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पीड़ित के मुताबिक किसी भी ट्रांजेक्शन के दौरान उसके मोबाइल पर कोई OTP नहीं आया। साथ ही बैंक की ओर से पैसे कटने का कोई नोटिफिकेशन या SMS अलर्ट भी नहीं मिला।
रिपोर्ट के अनुसार, साइबर ठगी के लिए अनधिकृत UPI मैपिंग या डिवाइस क्लोनिंग जैसे तरीके से खाते तक पहुंच बनाए जाने की आशंका जताई गई है। पैसे कटने की जानकारी पीड़ित को तब हुई, जब उसने खुद अपने बैंक खाते का बैलेंस चेक किया।
बैंक से लेकर साइबर हेल्पलाइन तक शिकायत
रुपये कटने का पता चलते ही अरविंद सिंह ने सबसे पहले आईसीआईसीआई बैंक के कस्टमर केयर से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 और नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी शिकायत की गई।
राजस्थान साइबर क्राइम कंट्रोल सेंटर, जयपुर से जीरो नंबरी एफआईआर मिलने के बाद जेएनवीसी थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया। पुलिस अब उन खातों और यूपीआई आईडी की जांच कर रही है, जिनमें रकम ट्रांसफर की गई। मामले में साइबर ठगी के तरीके और पैसों के ट्रांसफर से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है।








