Nature Nature

पाप और पुण्य छुपाने से बढ़ते हैं– संतोष सागर। पुण्य भूमि हरिद्वार में तीसरे दिन की कथा

Nature

समाचार गढ़। हरिद्वार के परमार्थ आश्रम में तीसरे दिन की भागवत कथा का रसास्वादन कराते हुए संत श्री संतोष सागर ने कहा कि कलियुग में संकीर्तन प्रभु भक्ति का उत्तम साधन है। संकीर्तन का अर्थ अपनी चिंताएं- दुश्चिंताएं प्रभु को सौंप कर स्वयं निरवाला हो जाना। ऐसे भक्तों का योगक्षेम परमात्मा स्वयं करते हैं। भागवत के प्रसंगों को व्याख्यायित करते हुए युवा संत ने कहा कि हम मन में बाल्यावस्था से एक यह विश्वास पाले हुए होते हैं कि तीर्थों के भ्रमण से पाप नष्ट हो जाते हैं, जबकि पाप को छुपाने से पाप बढता है। पुण्य भी छुपाने से बढता हैं। पुण्य को तो सदैव ही छुपाना चाहिए, और पाप का प्रायश्चित करना चाहिए। तीर्थों में आकर हमें यह संकल्प करना चाहिए कि अब मैं पाप के पंथ पर आगे नहीं बढूंगा। पाप के प्रति ग्लानि होने पर आधा पाप तो उसी समय क्षीण हो जाता है। भागवत शुरू ही परीक्षित की कथा से होती है। परीक्षित ने अपने द्वारा किए पाप का सहर्ष दण्ड स्वीकार किया। संतों का श्राप की कई बार वरदान साबित हो जाता है।
संत श्री ने कहा कि जब तक दृष्टि नहीं सुधरेगी, सृष्टि नहीं सुधरनेवाली। दृष्टि में निर्मलता के लिए सदैव विवेक का पल्लू पकड़े रहिए।
युवा संत पूरे राजस्थान में युवकों में नैतिक मूल्यों का प्रसार करने के लिए स्कूलों, कोचिंगों में जाकर उन्हें गीता वितरित करते हैं और उन्हें यह बोध कराते हैं कि जीवन को सर्वांग सुन्दर बनाने के लिए युवाओं को श्रीमद्भगवद्गीता का सहारा लेना चाहिए। उन्होंने कहा, युवा काल में जवानी, रूप, धन और पद ये चार चीजें बहकाने का कार्य कर सकती हैं। पर जो व्यक्ति अपने भीतर की सूझ, जिसे हम विवेक कहते हैं का सहारा पकड़े रहते हैं, वे एक सुन्दर और संतुलित जीवन व्यतीत करते हैं।
आज की कथा में प्रेमा भक्ति के उदाहरण स्वरूप विदुरानी की कथा को बहुत भावपूर्ण ढंग से सुनाया। भगवान से प्रेम करने वाले सभी भक्त चरित्रों पर थोड़ा- थोड़ा प्रकाश डाला। कुंती भगवान की अनन्य भक्त थीं, उसने ईश्वर प्रेम के आगे सुख की कामना नहीं की। हम कुंती की भांति अपने लिए दुख तो नहीं मांग सकते, पर किसी के सुख की कामना तो कर सकते हैं।
युवा संत ने कहा कि श्रीमद् भागवत एक वैज्ञानिक ग्रंथ है, उसमें स्वस्थ जीवन जीने के सभी आधार हैं।
यहां संत संतोष सागर के साथ अनेक लोगों ने गंगा के किनारे मौन होकर राम नाम का जप किया।

  • Related Posts

    सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में इस्तेमाल हथियारों का सप्लायर शकील अंसारी श्रीगंगानगर में गिरफ्तार

    समाचार गढ़ 21 जून 2026। पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में इस्तेमाल हुई जिगाना और ग्लॉक पिस्टलों का सप्लायर तथा कुख्यात गैंगस्टर शकील अंसारी उर्फ आदिल राजस्थान पुलिस की गिरफ्त…

    जयपुर में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, RTO समेत कई अहम पदों पर बदले अधिकारी

    जयपुर में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, RTO समेत कई अहम पदों पर बदले अधिकारी समाचार गढ़ 20 जून 2026। राजस्थान सरकार ने बुधवार को 178 राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) अधिकारियों के…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में इस्तेमाल हथियारों का सप्लायर शकील अंसारी श्रीगंगानगर में गिरफ्तार

    सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में इस्तेमाल हथियारों का सप्लायर शकील अंसारी श्रीगंगानगर में गिरफ्तार

    जयपुर में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, RTO समेत कई अहम पदों पर बदले अधिकारी

    जयपुर में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, RTO समेत कई अहम पदों पर बदले अधिकारी

    री-नीट से पहले NTA की लापरवाही उजागर, नागपुर के छात्र को मिला अबूधाबी का परीक्षा केंद्र

    री-नीट से पहले NTA की लापरवाही उजागर, नागपुर के छात्र को मिला अबूधाबी का परीक्षा केंद्र

    उद्धव ठाकरे को फिर झटका, 9 में से 6 सांसदों ने बनाई अलग राह

    उद्धव ठाकरे को फिर झटका, 9 में से 6 सांसदों ने बनाई अलग राह

    अमेरिका-ईरान युद्धविराम पर अंतरिम समझौता, ट्रम्प और पजशकियान ने किए हस्ताक्षर

    अमेरिका-ईरान युद्धविराम पर अंतरिम समझौता, ट्रम्प और पजशकियान ने किए हस्ताक्षर

    खाटूश्यामजी मंदिर में 19 घंटे बंद रहेंगे दर्शन, विशेष सेवा-पूजा के चलते श्रद्धालुओं का प्रवेश रहेगा प्रतिबंधित

    खाटूश्यामजी मंदिर में 19 घंटे बंद रहेंगे दर्शन, विशेष सेवा-पूजा के चलते श्रद्धालुओं का प्रवेश रहेगा प्रतिबंधित
    Social Media Buttons
    error: Content is protected !!
    Verified by MonsterInsights