समाचार-गढ़, 24 अगस्त 2023। पर्यावरण संरक्षण तथा प्रकृति के संवर्धन का कार्य वैदिक काल से ऋषि-मुनियों ने किया है। इस ऋषि परंपरा के हम सब लोग वाहक बने। पर्यावरण को लेकर लोगों में जागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि आने वाले समय में हमारी आने वाली पीढ़ी को कोई दिक्कत नहीं हो। मानव जड़ चेतन और पर्यावरण एक- दूसरे पर निर्भर होते हैं ये बात अपना संस्थान श्रीडूंगरगढ़ खण्ड प्रमुख तोलाराम जाखड़ ने आज पर्यावरण जन चेतना यात्रा के दौरान कही। पर्यावरण जन चेतना यात्रा आज श्रीडूंगरगढ़ से धनेरु, रीड़ी, लखासर, जोधासर, झंझेऊ, शेरुणा से होते हुए नापासर की और रवाना हुई। इस यात्रा के दौरान वरिष्ठ कार्यकर्ता कर्मवीर, सुरेंद्र सिंह, वीरेंद्र ने भी लोगों को पर्यावरण को शुद्ध करने के लिए लोगों को जाग्रत किया। यात्रा के साथ अशोक, अजीत सिंह, भैरा राम, धन्ने सिंह, बजरंग सिंह व महेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।























