ईरान-अमेरिका तनाव से सहमा बाजार: सेंसेक्स 380 अंक से ज्यादा टूटा, निफ्टी 24,100 के करीब फिसला
समाचार गढ़। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का असर मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिला। कारोबार की शुरुआत से ही बाजार दबाव में रहा। सेंसेक्स 382.51 अंक यानी 0.49% की गिरावट के साथ 77,233.89 पर कारोबार करता दिखा, जबकि निफ्टी 108.90 अंक यानी 0.45% टूटकर 24,102.10 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, बैंक निफ्टी भी 613.85 अंक (1.06%) की गिरावट के साथ 57,517.60 पर कारोबार करता नजर आया।
बाजार में कमजोरी की सबसे बड़ी वजह पश्चिम एशिया में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव रहा। अमेरिकी सेना ने लगातार तीसरी रात ईरान पर हमले किए, जबकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी शिपिंग पर दोबारा नौसैनिक नाकेबंदी लागू करने और होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले कार्गो पर 20% ट्रांजिट शुल्क लगाने की घोषणा की। इसके बाद वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ गई।
तनाव बढ़ने का असर कच्चे तेल की कीमतों पर भी पड़ा। ब्रेंट क्रूड 85 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया, जो 17 जून को अमेरिका-ईरान युद्धविराम समझौते के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ते सैन्य टकराव से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका गहरा गई है, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ी है।
बाजार की घबराहट का संकेत देने वाला *इंडिया VIX* भी करीब 3% बढ़कर 14 के आसपास पहुंच गया। यह दर्शाता है कि निवेशकों के बीच आने वाले दिनों में बाजार में उतार-चढ़ाव की आशंका बढ़ गई है।
शुरुआती कारोबार में बिकवाली का दबाव साफ नजर आया। बाजार में 1,340 शेयर बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे, जबकि 2,321 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। वहीं, 173 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।
विदेशी घटनाक्रम का असर भारतीय मुद्रा पर भी पड़ा। रुपया शुरुआती कारोबार में 52 पैसे टूटकर 96.14 प्रति अमेरिकी डॉलर पर पहुंच गया। पिछले कारोबारी सत्र में यह 95.62 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक पश्चिम एशिया में तनाव कम नहीं होता और कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता नहीं आती, तब तक भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव का दौर जारी रह सकता है।









