समाचार गढ़ 17 मई 2026। जिले में उपलब्ध जल की कमी तथा सिंचाई दक्षता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राजस्थान सूक्ष्म सिंचाई मिशन ‘पर ड्राप मोर क्रॉप’ योजनांतर्गत सूक्ष्म सिंचाई कार्यक्रम चलाया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में सिंचाई जल के दक्षतम उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए सूक्ष्म सिंचाई कार्यक्रम के आकार में वृद्धि करते हुए इसके सुगम वृहद क्षेत्र में प्रभावी क्रियान्वयन के लिए उद्यानिकी आयुक्त श्वेता चौहान द्वारा दिशानिर्देश जारी किए गए हैं।
उद्यान विभाग के सहायक निदेशक मुकेश गहलोत ने बताया कि सब्जियों की खेती में स्थापित की जाने वाली ड्रिप, बागीचा स्थापना में उपयोग में आने वाली ड्रिप, मिनी फव्वारा व फव्वारा स्थापना के लिए दिशा-निर्देश प्राप्त हो गए हैं। स्वीकृत कार्ययोजना अनुसार किसानों से ऑनलाइन आवेदन आवेदन आमंत्रित किए जाते हैं।
ड्रिप, मिनी फव्वारा व फव्वारा सिंचाई तकनीक द्वारा जल बचत के साथ ही जिले की भौगोलिक, आर्थिक, सामाजिक एवं कृषि जलवायु स्थितियां प्रबल रूप से सहायक है। जहां ड्रिप संयंत्र स्थापना से 70 से 80 प्रतिशत जल की बचत होती है, वहीं फव्वारा संयंत्र की स्थापना से 50 से 55 प्रतिशत तक जल की बचत होती है। सूक्ष्म सिंचाई संयंत्र ड्रिप, मिनी स्प्रिंकलर तथा स्प्रिंकलर संयंत्र स्थापना पर लघु सीमांत कृषक, एससी, एसटी, महिला कृषक को इकाई लागत का 75 प्रतिशत व अन्य सामान्य कृषक को इकाई लागत का 70 प्रतिशत तक अनुदान देय है। सूक्ष्म सिंचाई संयंत्र स्थापना पर न्यूनतम 0.2 हेक्टेयर व अधिकतम 5 हेक्टेयर तक प्रति लाभार्थी अनुदान दिए जाने का प्रावधान है।
उपनिदेशक उद्यान प्रेमाराम ने बताया कि आवेदन के इच्छुक किसान जन आधार के माध्यम से ऑनलाइन अपना आवेदन राज किसान साथी पोर्टल पर कर सकते हैं। आवेदन के साथ भूमि की नवीनतम जमाबंदी, राजस्व रिकॉर्ड की प्रतिलिपि, बिजली बिल या जल करार प्रपत्र, मृदा एवं जल परीक्षण रिपोर्ट तथा पंजीकृत डीलर से प्राप्त संयंत्र का प्रोफॉर्मा इन्वॉयस इत्यादि के साथ पत्रावली ऑनलाइन कर सकते हैं ताकि इसी वित्तीय वर्ष में योजना का लाभ ले सकें।
उन्होंने बताया कि विस्तृत जानकारी हेतु किसान राज किसान सुविधा ऐप डाउनलोड करें या सम्बन्धित कृषि पर्यवेक्षक-सहायक कृषि अधिकारी उद्यान से सम्पर्क कर सकते हैं।














