केंद्रीय बजट 2026 पर जनप्रतिनिधियों की प्रतिक्रिया, विकास-रोजगार और कौशल पर जोर
समाचार गढ़, श्रीडूंगरगढ़।
केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026 को लेकर जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक संगठनों की सकारात्मक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। विधायक ताराचंद सारस्वत एवं श्री विश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड के अध्यक्ष रामगोपाल सुथार ने बजट को विकासोन्मुखी, समावेशी और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने वाला बताया है।
विकास, निवेश और आत्मनिर्भरता को नई गति : ताराचंद सारस्वत
श्रीडूंगरगढ़ विधायक ताराचंद सारस्वत ने बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व एवं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026 ऊर्जावान, दूरदर्शी और आत्मनिर्भर भारत की दिशा को मजबूत करने वाला है। यह बजट देश के विकास, निवेश, रोजगार सृजन और औद्योगिक विस्तार को नई गति देगा।
उन्होंने बताया कि बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर पर रिकॉर्ड निवेश, MSME व स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन, स्वास्थ्य, बायोफार्मा, मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स, रेलवे और जलमार्गों के विस्तार पर विशेष फोकस किया गया है। पूंजीगत व्यय में वृद्धि से सड़क, रेल और ग्रामीण-शहरी आधारभूत ढांचे को मजबूती मिलेगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
विधायक सारस्वत के अनुसार इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0, मेगा टेक्सटाइल पार्क, डेटा सेंटर और सोलर सेक्टर में घोषित प्रोत्साहन राजस्थान के औद्योगिक परिदृश्य को बदलने वाले हैं। उन्होंने कहा कि यह बजट युवाओं, नारी शक्ति और औद्योगिक विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
कौशल, रोजगार और महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर : रामगोपाल सुथार
श्री विश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड के अध्यक्ष रामगोपाल सुथार ने बजट को गरीब, मजदूर, किसान और मध्यम वर्ग के सशक्तिकरण की दिशा में समावेशी और दूरदर्शी बताया। उन्होंने कहा कि बजट में कौशल विकास को रोजगार सृजन से जोड़ते हुए युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर विशेष बल दिया गया है।
सुथार ने बताया कि पर्यटन जैसे रोजगार-सक्षम क्षेत्रों के विकास, ग्रामीण युवाओं, महिलाओं और श्रमिक वर्ग को कौशल प्रशिक्षण से जोड़कर उद्यमिता की ओर प्रेरित करने के प्रावधान किए गए हैं। ग्रामीण महिलाओं के नेतृत्व वाले स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाने से महिला सशक्तिकरण को नई दिशा मिलेगी।
उन्होंने दिव्यांगजनों के लिए कौशल प्रशिक्षण और शिक्षा क्षेत्र में प्रत्येक जिले में गर्ल्स हॉस्टल की स्थापना के प्रावधान को सामाजिक न्याय और बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने वाला कदम बताया।
कुल मिलाकर दोनों ही वक्ताओं ने केंद्रीय बजट 2026 को विकास, रोजगार, कौशल और सामाजिक समावेशन का संतुलित दस्तावेज बताया है।











