समाचारगढ़ श्रीडूंगरगढ़ 30 जुलाई 2024 नींद का भोजन से कोई संबंध है? क्या नींद ना आने की समस्या हमारे खान-पान की आदतों से आती है? ऐसे कई से सवाल हैं जिसका जवाब हम में से कई लोगों को मालूम नहीं होगा।ऐसे में इस खबर से माध्यम से जानिए कि कैसे हमारे खानपान की आदत हमारे स्वास्थ्य और नींद से जुड़ी होती है।
दरअसल, नींद संबंधी समस्याएं हमारे खान-पान से पैदा होती है।उचित नींद के बिना स्वास्थ्य खराब होने का खतरा रहता है।डॉक्टरों ने भी चेतावनी दी है कि जो लोग नींद की कमी से पीड़ित हैं उनके बीमार पड़ने की संभावना अधिक होती है। डॉक्टरों का कहना है कि नींद और भोजन के बीच गहरा संबंध है और जिनकी खान-पान की आदतें अच्छी हैं वे आराम से सोते हैं और पूरी तरह स्वस्थ रहते हैं।अच्छी नींद के लिए हमारे आहार का पोषक तत्वों से भी भरपूर होना जरूरी होता है क्योंकि इन्हीं पर नींद लाने वाले तन्त्रिकीय रसायनों की सक्रियता निर्भर करती है।
इसी तरह समय पर खाना न खाना या उपवास करने से इन रसायनों में बदलाव होता है और हमारे चयापचय पर भी असर पड़ता है।इसका तात्पर्य यह है कि निश्चित समय पर प्रोटीन और कार्बाेहाइड्रेट युक्त भोजन ग्रहण करना अच्छी नींद के लिए जरूरी है।अधिक वसायुक्त भोजन हमारी पाचन क्रिया में गड़बड़ी कर नींद में खलल डालता है। जिस आहार में कार्बाेहाइड्रेट ज्यादा होता है जैसे चावल वह शरीर में ट्रिप्टोफेन नामक अमीनो अम्ल को बढ़ाता है जिससे नींद अच्छी आती है क्योंकि इसी से नींद लाने वाले रसायन सिरोटीनिन और मेलाटोनिन निर्मित होते हैं।
इसी तरह से रात को जल्दी कम से कम आठ बजे तक भोजन करना नींद तथा स्वास्थ्य दोनों के लिए बेहतर होता है। रात के भोजन में विटामिन इए कैल्शियमए जिंक युक्त खाद्य पदार्थ लेना अच्छी नींद लाने में बहुत ही सहायक होता है।इसके साथ दूध में शहद मिलाकर लेना या गुनगुने दूध के साथ केला खाना भी अच्छी नींद देने वाला होता है।
वहीं इधर, नींद पूरी ना होने पर कई तरह की परेशानियां होने लगती हैं। खासतौर पर अगर आप पर्याप्त नींद नहीं लेते हैं तो डिप्रेशन होने की संभावना रहती है। दरअसल, नींद हमारे मस्तिष्क में मेलाटोनिन नामक रसायन के कारण आती है।यदि यह मेलाटोनिन रिलीज उचित नहीं है, तो नींद ना आने की समस्या होगी।इससे चिड़चिड़ापन, डिप्रेशन, जल्दी थकान और अपच जैसी समस्याएं होने लगती हैं. इसलिए डॉक्टर सलाह देते हैं कि अच्छी नींद पाने के लिए आपको खान-पान की कुछ आदतें अपनानी चाहिए।
आराम की जरूरत
अगर हम रात के खाने के बाद सो जाते हैं तो इसका मतलब है कि हमारा शरीर आराम चाहता है। रात को अच्छी नींद पाने के लिए आसानी से पचने वाला खाना खाना चाहिए।ऐसा कहा जाता है कि अगर आप ज्यादा खाना खाएंगे तो आपको नींद नहीं आएगी।इसके साथ ही अगर आप कम खाना भी खाएंगे तब भी आपको नींद भी नहीं आएगी।इसीलिए डॉक्टर कहते हैं कि पेट को हल्का रखने के लिए उचित पोषक तत्वों वाला भोजन करें।
समस्याएं तो आएंगी!
नींद में खलल पड़ने पर कई मानसिक और शारीरिक समस्याएं उत्पन्न होने की संभावना रहती है। जिसमें अवसाद, अनिद्रा, अपच जैसी समस्याओं की उत्पन्न होने की संभावना सबसे ज्यादा होती है। इससे पेट में सूजन, ऊर्जा की हानि, सुस्ती और बीमारी की संभावना बढ़ जाती है। अच्छी नींद के लिए कुछ प्रकार के अच्छे भोजन का सेवन करना चाहिए।मस्तिष्क को आराम देना चाहिए। तनाव को कम करने की कोशिश करनी चाहिए।पर्याप्त पानी भी पीनी चाहिए। अच्छी नींद के लिए यह सुनिश्चित करें कि बेडरूम का वातावरण स्वच्छ हो। सेल फोन का अधिक इस्तेमाल और टीवी देखने जैसी आदतों से बचना चाहिए। यानी स्क्रीन टाइम कम किया जाना चाहिए। अच्छी नींद के लिए सोने से कम से कम दो घंटे पहले फोन देखना बंद कर दें।
क्यों आती है नींद?
मेलाटोनिन, हमारे नींद चक्र के लिए जिम्मेदार है। यह मेलाटोनिन रसायन हमारे द्वारा खाए जाने वाले भोजन के साथ अधिक उत्पादित होना चाहिए।इसके लिए ओट्स जैसे अच्छे पोषण को आहार का हिस्सा बनाना चाहिए, साथ ही हमें अपने मेनू में संतुलित भोजन शामिल करना चाहिए ताकि हमें सभी प्रकार के विटामिन और खनिज मिलें।
फलों का सेवन करना चाहिए
केले में मैग्नीशियम और पोटैशियम जैसे पोषक तत्व होते हैं। यूं तो कई शोधों से पता चला है कि केला खाने से अच्छी नींद आती है। अखरोट मेलाटोनिन से भी भरपूर होता है।इसलिए जो लोग अधिक मात्रा में अखरोट खाते हैं उन्हें भी आराम की नींद आती है।
इसी तरह, चेरी में मेलाटोनिन भी उच्च मात्रा में होता है।बादाम में मौजूद स्वस्थ वसा और मैग्नीशियम भी अच्छी नींद में योगदान करते हैं। अंडे में मौजूद पोषक तत्व नींद के लिए भी मददगार होते हैं। इसलिए अपने आहार में अंडे, अखरोट, चेरी, बादाम आदि को शामिल करना अच्छा है।
अनुसंधान क्या कहता है?
दुनिया में कई शोधों में यह पाया गया है कि जो लोग दूध, ओट्स और अंडे खाते हैं उन्हें ज्यादा नींद आती है। इसलिए सोने से पहले एक गिलास गर्म दूध पीने से अनिद्रा की समस्या दूर हो सकती है।ऐसा माना जाता है कि भोजन के बाद उनींदापन और नींद आने लगती है। दूध में ट्रिप्टोफॉर्म नामक अमीनो एसिड होता है।जो अनिद्रा की समस्या दूर कर अच्छी नींद लाने में मदद करता है।
इन्हें मत खाओ!
बहुत से लोग सोने से पहले स्नैक्स खाते हैं, वे कॉफी और चाय पीते हैं. बता दें, सोने से इनका सेवन करना अच्छी आदत नहीं है। ऐसा करने से पाचन तंत्र के खराब होने का खतरा रहता है।कॉफी और चाय में मौजूद कैफीन नींद को दूर भगाकर अनिद्रा की समस्या उत्पन्न करता है।इसलिए डॉक्टर सलाह देते हैं कि जितना हो सके सोने से पहले कॉफी और चाय का सेवन न करें तो बेहतर है।











