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मृदा स्वास्थ्य कार्ड कार्यशाला आयोजित

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मृदा स्वास्थ्य कार्ड कार्यशाला आयोजित
समाचार गढ़। कृषि विभाग द्वारा किसानों के लिए ग्राम पंचायत मोमासर में मृदा स्वास्थ्य कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में सहायक निदेशक कृषि विस्तार रघुवर दयाल सुथार ने बताया कि किसानों को हर फसल सीजन से पहले अपने खेत की मृदा के स्वास्थ्य की जांच करवानी चाहिए। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से संचालित मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना में किसान के खेत की मृदा की उर्वरता के बारे में जानकारी मिलती है। किसान के खेत की मृदा में उपलब्ध पोषक तत्वों के उपलब्धता की जानकारी स्वास्थ्य कार्ड में दर्ज होती है जिसके आधार पर किसानों को अपनी फसल के लिए पोषक तत्वों की मात्रा देनी चाहिए तथा संतुलित उर्वरकों का उपयोग कर उत्पादकता बढ़ाई जा सकती है। कृषि अधिकारी कन्हैयालाल सारस्वत में बताया कि किसान भाइयों को अंधाधुंध रासायनिक खाद एवं उर्वरकों का उपयोग ना करते हुए मृदा स्वास्थ्य कार्ड की अनुशंसा के आधार पर पोषक तत्व देने चाहिए। सारस्वत ने बताया कि बिना उपलब्ध मात्रा ज्ञात किये उर्वरकों के उपयोग से खेती की भूमि बंजर होने का खतरा रहता है साथ ही अधिक मात्रा में दी गई खाद का उपयोग फसल द्वारा नहीं किया जाता है और किसान को आर्थिक हानि होती है। रासायनिक खाद के साथ-साथ जैविक खाद का अधिकाधिक उपयोग करने के लिए किसान भाइयों को गोबर की खाद को अच्छी तरह से सड़ा गला कर कंपोस्ट खाद तैयार करनी चाहिए। इसी प्रकार उच्च गुणवत्ता की केंचुआ खाद भी किसान तैयार कर सकते हैं। जैविक खाद से भूमि की न केवल उर्वरता बढ़ेगी बल्कि जीवांश पदार्थ के बढ़ने से मिट्टी के लाभदायक जीव भी अधिक मात्रा में कार्यशील रहेंगे जिससे खेत में दी हुई खाद का अधिकतम उपयोग हो सकता है । कार्यशाला में मोमासर सरपंच जुगराज संचेती सहायक कृषि अधिकारी प्रार्थना सिद्ध कृषि पर्यवेक्षक भागीरथ कुलड़िया आदि सहित बड़ी संख्या में क्षेत्र के महिला एवम पुरुष कृषक उपस्थित रहे।

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