Nature Nature

दुर्गंध श्रीडूंगरगढ़ शहर के माथे पर लिखी हुई है, क्योंकि… साहित्यकार व पत्रकार डॉ. चेतन स्वामी का विश्लेषण

Nature

समाचार-गढ़, श्रीडूंगरगढ़। कल यानी 5 अक्टूबर को राजस्थान पत्रिका में एक समाचार प्रकाशित हुआ था कि राजस्थान के 97 शहरों में नहीं बिछेगी सीवर लाइन। इन 97 शहरों की सूची में श्रीडूंगरगढ़ भी है। यहां अशुद्ध मुद्रण के कारण श्रीडूंगरगढ़ की जगह श्रीडूंगरपुर छप गया है।
एक तरफ श्रीडूंगरगढ़ सीवर और ड्रेनेज लाइन के लिए प्रयासरत है, दूसरी तरफ यह समाचार प्रकाशित हुआ है।
कल जीव जतन जन कल्याण ट्रस्ट की ओर से निर्मित नगरपालिका भवन के उद्घाटन अवसर पर कार्यक्रम के प्रारंभ होते ही पूर्व विधायक श्री मंगलाराम गोदारा ने आपदा प्रबंधन मंत्री के समक्ष एकमात्र यही मांग रखी कि श्रीडूंगरगढ़ को ड्रेनेज योजना की सौगात अगर आप अपने आपदा प्रबंधन मंत्रालय से स्वीकृत करवा सकते हैं तो इस शहर का बड़ा भला हो सकता है। यही मांग वर्तमान विधायक श्री गिरधारीलाल महिया ने भी दोहराई, जिस पर मंत्री श्री गोविन्द राम मेघवाल ने कहा कि वे अपने अधिकारियों से इस सम्बन्ध में मंत्रणा करेंगे कि श्रीडूंगरगढ़ में वर्षा के दिनों में जल भराव की समस्या पेश आती है, वह अगर आपदा की परिभाषा के अंतर्गत आती है तो वे इसके लिए दो करोड़ तक का बजट दे पाएंगे।
दरअसल, हमारे निकट सरदारशहर, फतेहपुर आदि शहरों में अगले पचास वर्षों तक के लिए पर्याप्त ड्रेनेज और सीवेज योजना बनकर तैयार है पर श्रीडूंगरगढ़ वर्षों से ताल मैदान, कच्चे और पक्के जोहड़ में जल भराव तथा ड्रेनेज लाइनों में सीवेज लाइने जोड़े जाने के कारण अक्सर ही पक्के जोहड़ से उठनेवाली मारक गंध से आहत रहता है। उस पर राज्य सरकार द्वारा श्रीडूंगरगढ़ को जल मल निस्तारण योजना से बाहर कर इसके साथ कुठाराघात से कम नहीं किया है।
पत्रिका के समाचार में लिखा है कि इन 97 शहरों की मल निस्तारण योजना के लिए घरों के बाहर कुइयां खोद कर उसमें स्लज (मानव मल से बने कीचड़) को पांच से छह साल के भीतर खाली कर वाहनों के माध्यम से ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचाया जाएगा। ( अभी वर्तमान में हर घरवाले यही तो कर रहे हैं, ट्रीटमेंट प्लांट नहीं है, इसलिए टैंकरवाले इस मानव मल को बीड़ में फैंक कर आते हैं। )
इन 97 शहरों में स्लज को ट्रीटमेंट प्लांट तक इसलिए नहीं पहुंचाया जा सकता, क्योंकि इसके लिए प्रति दिन प्रति व्यक्ति 135 लीटर जल चाहिए।
तो लब्बोलुआब यह है कि हमारी ड्रेनेज योजना टांय टांय फिस्स और इसके लिए पहले यहां पेयजल के रूप में हर घर में नहरी जल चाहिए।

साहित्यकार व पत्रकार डॉ. चेतन स्वामी

  • Related Posts

    Piyush Goyal on Europe: “ये समस्या आपने पैदा की!” जलवायु पर यूरोप को सुनाई खरी-खरी, CBAM और स्टील शुल्क पर भी घेरा

    समाचार गढ़ 23 अक्टूबर 2026। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने जलवायु परिवर्तन और व्यापारिक प्रतिबंधों को लेकर यूरोप के दोहरे रवैये पर सवाल उठाए हैं। जर्मनी की…

    बैंक खाते में AI की घुसपैठ! अमेरिका के बड़े बैंकों ने क्यों कसे शिकंजे?

    समाचार गढ़ 23 अक्टूबर 2026। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब सिर्फ सवालों के जवाब देने या जानकारी जुटाने तक सीमित नहीं है। नए AI एजेंट यूजर की ओर से कई डिजिटल…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    Piyush Goyal on Europe: “ये समस्या आपने पैदा की!” जलवायु पर यूरोप को सुनाई खरी-खरी, CBAM और स्टील शुल्क पर भी घेरा

    Piyush Goyal on Europe: “ये समस्या आपने पैदा की!” जलवायु पर यूरोप को सुनाई खरी-खरी, CBAM और स्टील शुल्क पर भी घेरा

    बैंक खाते में AI की घुसपैठ! अमेरिका के बड़े बैंकों ने क्यों कसे शिकंजे?

    बैंक खाते में AI की घुसपैठ! अमेरिका के बड़े बैंकों ने क्यों कसे शिकंजे?

    India-China Border Tension: अरुणाचल में चीन से टकराव जारी! 3 साल में हर चौकी पर बनेंगे अंडरग्राउंड बंकर, ड्रोन से होगी निगरानी

    India-China Border Tension: अरुणाचल में चीन से टकराव जारी! 3 साल में हर चौकी पर बनेंगे अंडरग्राउंड बंकर, ड्रोन से होगी निगरानी

    असीम मुनीर की यात्रा के बाद भी नहीं सुलझा विवाद! ट्रकों में आगजनी की खबर, ईरान ने दी सीमा बंद करने की चेतावनी

    असीम मुनीर की यात्रा के बाद भी नहीं सुलझा विवाद! ट्रकों में आगजनी की खबर, ईरान ने दी सीमा बंद करने की चेतावनी

    INS विक्रांत पर गरजेगा राफेल-M! गोवा में फाइनल ट्रायल से बढ़ेगी नौसेना की ताकत

    INS विक्रांत पर गरजेगा राफेल-M! गोवा में फाइनल ट्रायल से बढ़ेगी नौसेना की ताकत

    Russia-US Deal: प्रतिबंधों के बीच अमेरिका पहुंचेगा रूसी डीजल! ट्रंप-पुतिन की डील से यूक्रेन क्यों नाराज?

    Russia-US Deal: प्रतिबंधों के बीच अमेरिका पहुंचेगा रूसी डीजल! ट्रंप-पुतिन की डील से यूक्रेन क्यों नाराज?
    Social Media Buttons
    error: Content is protected !!
    Verified by MonsterInsights