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श्रीडूंगरगढ़ के बच्चों ने लिया स्वच्छ भारत का संकल्प, ईओ, चेयरमैन पहुंचे इस स्कूल, विशेष कार्यक्रम में दिया जागरूकता का संदेश

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समाचार गढ़, 1 अक्टूबर। 15 सितम्बर से शुरू हुए स्वच्छता ही सेवा 2024 अभियान का उत्साह अब चरम पर है, और महात्मा गांधी की जयंती की पूर्व संध्या पर इसका समापन होगा। इस अभियान की अगुवाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की जा रही है, और इसके संदेश की गूंज पूरे भारत में सुनाई दे रही है। इसी क्रम में आज श्रीडूंगरगढ़ के नेशनल हाइवे स्थित श्री कन्हैयालाल सिखवाल राजकीय (अंग्रेजी माध्यम) विद्यालय में स्वच्छता का महत्व समझाने के लिए एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में नगरपालिका के ईओ अविनाश शर्मा, चैयरमैन मानमल शर्मा, सहायक लेखाधिकारी रविशंकर जोगी, और कमल चांवरियां ने भाग लिया। उन्होंने स्कूल के बच्चों को स्वच्छता की आवश्यकता और उसके महत्व के बारे में जानकारी दी। इसके साथ ही विद्यालय के प्रधानाचार्या विमला गुर्जर ने भी बच्चों को जागरूक किया। इस अवसर पर विद्यालय के स्टाफ और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद थे।

इस दौरान ईओ अविनाश शर्मा ने कहा कि “स्वच्छता हमारे जीवन का एक अभिन्न हिस्सा है। यह सिर्फ सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे स्वास्थ्य, पर्यावरण और समाज की समृद्धि से भी जुड़ा हुआ है। हम सबको यह जिम्मेदारी उठानी होगी कि हम अपने आस-पास के माहौल को स्वच्छ रखें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें। स्वच्छता ही सेवा अभियान का उद्देश्य यही है कि हम एक स्वच्छ और स्वस्थ भारत का निर्माण करें।” चैयरमैन मानमल शर्मा ने कहा कि “आज के समय में स्वच्छता केवल एक आदत नहीं, बल्कि यह एक जरूरत बन गई है। स्वच्छता न केवल हमारे शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाती है, बल्कि यह मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी महत्वपूर्ण है। हम सभी को इस अभियान में शामिल होना चाहिए और समाज को स्वच्छ बनाने की दिशा में योगदान देना चाहिए।” प्रधानाचार्या विमला गुर्जर ने कहा कि “हमारे स्कूल के बच्चे हमारे भविष्य हैं, और उनका जागरूक होना अत्यंत महत्वपूर्ण है। आज की पीढ़ी को स्वच्छता का महत्व समझाना हमारी जिम्मेदारी है, ताकि वे आने वाले समय में एक स्वच्छ समाज का निर्माण कर सकें। मुझे गर्व है कि हमारे विद्यालय ने इस अभियान में सक्रिय भाग लिया और हम भविष्य में भी ऐसे प्रयास जारी रखेंगे।” इस अवसर पर स्कूल के स्टाफ के सदस्य रामप्रताप जाखड़, राजूनाथ सिद्ध, पवन गोयतान, जितेन्द्र सोनी, सीताराम जाट, और प्रशांत सिंहमार, मूलाराम, मुरलीधर, रामोतार भी उपस्थित रहे। बच्चों में स्वच्छता के प्रति उत्साह और जागरूकता देखने को मिली, और सभी ने संकल्प लिया कि वे अपने आस-पास के वातावरण को स्वच्छ बनाए रखने के लिए अपना योगदान देंगे।

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