गैस संकट पर सियासत तेज: अशोक गहलोत का सरकार पर बड़ा हमला
समाचार गढ़ 18 मार्च 2026। जयपुर: राजस्थान में रसोई गैस की बढ़ती कीमतों और एलपीजी सिलेंडरों की किल्लत को लेकर सियासत गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य सरकार के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि “गैस की कोई कमी नहीं” कहना हकीकत से बिल्कुल अलग है।
गहलोत ने आरोप लगाया कि प्रदेश में आम गृहणियों से लेकर छोटे कारोबारियों तक को सिलेंडर के लिए भटकना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि हालात इतने खराब हैं कि लोगों को अपनी रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने इस संकट का असर उद्योग-धंधों पर भी गंभीर बताया। गहलोत के मुताबिक, राज्य के करीब 50 हजार होटल और रेस्टोरेंट बंद होने की कगार पर हैं। कमर्शियल सिलेंडर नहीं मिलने से छोटे हलवाई, ढाबा संचालक और अन्य कारोबारी भारी नुकसान झेल रहे हैं। वहीं, कई औद्योगिक इकाइयों में उत्पादन ठप होने से मजदूरों की रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने सरकार के “इन्वेस्ट राजस्थान” जैसे अभियानों पर भी तंज कसते हुए कहा कि जब मौजूदा उद्योगों को बुनियादी ईंधन तक नहीं मिल पा रहा, तो बड़े निवेश के दावे खोखले नजर आते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकारी कार्यक्रमों में भी सिलेंडर की कमी के कारण खाना लकड़ी के चूल्हों पर बनाना पड़ रहा है।
गहलोत ने सरकार से मांग की कि वह बयानबाजी छोड़कर गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करे और कालाबाजारी पर सख्ती से रोक लगाए, ताकि आम जनता और उद्योग दोनों को राहत मिल सके।










