समाचार गढ़ 22 मई 2026। जैसलमेर की पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में भारत के स्वदेशी आत्मघाती ड्रोन ‘वायु अस्त्र-1’ का सफल परीक्षण किया गया। पुणे स्थित भारतीय डिफेंस टेक कंपनी Nibe Limited द्वारा विकसित यह लोइटरिंग म्यूनिशन सिस्टम दुश्मन के इलाके में डेढ़ घंटे तक मंडराकर सटीक निशाना साध सकता है। जरूरत पड़ने पर इसका हमला बीच हवा में रोका या टारगेट बदला भी जा सकता है।
पोकरण के रेतीले धोरों में इसके एंटी-पर्सनल अटैक और सटीक निशानेबाजी का परीक्षण किया गया, जबकि उत्तराखंड के जोशीमठ-मलारी क्षेत्र में 14 हजार फीट से अधिक ऊंचाई और शून्य से नीचे तापमान में इसकी उड़ान क्षमता परखी गई। परीक्षण के दौरान ‘वायु अस्त्र-1’ ने पहली ही कोशिश में 100 किलोमीटर दूर स्थित लक्ष्य को सटीकता से तबाह कर दिया। ड्रोन ने 10 किलोग्राम विस्फोटक के साथ उड़ान भरी और इसका CEP (सर्कुलर एरर प्रोबेबल) 1 मीटर से भी कम दर्ज किया गया।
यह ड्रोन ‘स्मार्ट मिशन कंट्रोल’ सिस्टम से लैस है, जिसकी मदद से मिशन को बीच हवा में रद्द किया जा सकता है। दुश्मन की लोकेशन बदलने पर यह नया टारगेट चुन सकता है और आवश्यकता होने पर सुरक्षित बेस पर वापस भी लौट सकता है।
‘वायु अस्त्र-1’ रात के अंधेरे में भी इन्फ्रारेड कैमरों की मदद से दुश्मन के टैंक और बख्तरबंद वाहनों को खोजकर हमला करने में सक्षम है। इसके नाइट एंटी-आर्मर स्ट्राइक टेस्ट भी पूरी तरह सफल रहे।
रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार यह सफलता भारत के ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ अभियान के लिए बड़ा मील का पत्थर है। अब तक भारतीय सेना इस तरह की तकनीक के लिए विदेशी ड्रोन पर निर्भर थी, लेकिन स्वदेशी तकनीक से तैयार यह सिस्टम देश की सैन्य ताकत को नई मजबूती देगा।













