समाचार-गढ़ 17 अगस्त, 2026।
भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को आखिरी करीब 35 मिनट में क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) के चलते बाजार की तस्वीर बदल गई। दिनभर दबाव में रहने के बाद फाइनेंशियल शेयरों और रिलायंस इंडस्ट्रीज की रिकवरी से सेंसेक्स-निफ्टी की गिरावट काफी कम हो गई थी, लेकिन अंतिम भाव तय होने के बाद कमजोरी बढ़ गई।
सेंसेक्स-निफ्टी लाल, बैंक निफ्टी की बढ़त भी घटी
कारोबार के अंत में सेंसेक्स 281 अंक गिरकर 77,728 और निफ्टी 78 अंक टूटकर 24,288 पर बंद हुआ। वहीं बैंक निफ्टी सिर्फ 7 अंक बढ़कर 57,498 पर रहा। मिडकैप इंडेक्स 35 अंक चढ़ा।
CAS से पहले सेंसेक्स की गिरावट करीब 165 अंक और निफ्टी की कमजोरी सिर्फ 24 अंक थी, जबकि बैंक निफ्टी 200 अंक से ज्यादा ऊपर था। CAS के बाद सेंसेक्स में 116 और निफ्टी में 54 अंकों की अतिरिक्त गिरावट जुड़ गई।
CAS से भाव कैसे बदलते हैं?
क्लोजिंग ऑक्शन सेशन में नियमित कारोबार खत्म होने के बाद खरीद और बिक्री के ऑर्डर के आधार पर ऐसी कीमत तय की जाती है, जिस पर अधिकतम शेयरों का कारोबार हो सके। बड़े शेयरों के अंतिम भाव बदलने से पूरे इंडेक्स का क्लोजिंग स्तर भी बदल सकता है।
इसका मतलब यह जरूरी नहीं कि आखिरी मिनटों में कोई नई नकारात्मक खबर आई हो। सोमवार को इंडेक्स में बदलाव मुख्य रूप से इसी अंतिम कीमत तय होने की प्रक्रिया से आया।
रिलायंस ने दिया सहारा, IT शेयरों ने खींचा नीचे
रिलायंस इंडस्ट्रीज करीब 1% चढ़ा, जिससे निफ्टी को लगभग 20 अंकों का सहारा मिला। वहीं बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों की रिकवरी ने भी बाजार को संभाला।
दूसरी ओर IT शेयरों में कमजोरी रही और निफ्टी के सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयरों में तीन IT कंपनियां शामिल रहीं।
मेटल शेयरों में अंतरराष्ट्रीय कीमतों में तेजी के चलते खरीदारी दिखी, जबकि रियल्टी शेयरों में भी दूसरे हिस्से में मजबूत बढ़त देखने को मिली। इसके बावजूद पूरे बाजार की चौड़ाई गिरने वाले शेयरों के पक्ष में रही।









