समाचार-गढ़ 6 अक्टूबर, 2026।
कांग्रेस और INDIA गठबंधन के चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन के बीच Form 6 को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। बीजेपी ने राहुल गांधी के उन आरोपों पर पलटवार किया है, जिनमें उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर Form 6 में कथित तौर पर गैरकानूनी और एकतरफा बदलाव करने का आरोप लगाया है।
बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने मंगलवार, 6 अक्टूबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने Form 6 को गैर-कानूनी घोषित नहीं किया है। उनके मुताबिक, अदालत ने याचिका में उठाए गए Form 6 से जुड़े बदलावों के मुद्दे पर रिकॉर्ड देखने और मामले की जांच करने की बात कही है।
संबित पात्रा ने राहुल गांधी पर लगाए गुमराह करने के आरोप
संबित पात्रा ने राहुल गांधी के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही के बाद Form 6 को लेकर ऐसा दावा किया, जिससे लोगों के बीच भ्रम पैदा हो रहा है। पात्रा के मुताबिक, राहुल गांधी ने दावा किया कि Form 6 में बदलाव गैर-कानूनी था और इसके लिए बीजेपी का भी जिक्र किया।
बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने Form 6 को गैर-कानूनी नहीं बताया है। उन्होंने कहा कि अदालत ने सिर्फ याचिका में किए गए उन दावों पर विचार करने के लिए संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किए हैं, जिनमें Form 6 में बदलाव का आरोप लगाया गया है।
BJP बोली- Form 6 में बदलाव नहीं, अतिरिक्त घोषणा का मुद्दा
संबित पात्रा ने चुनाव आयोग के रुख का हवाला देते हुए कहा कि Form 6 में कोई बदलाव नहीं किया गया है। चुनाव आयोग का कहना है कि Form 6 के साथ एक अतिरिक्त घोषणा-पत्र जोड़ा गया था, जबकि मूल वैधानिक Form 6 में बदलाव नहीं किया गया।
पात्रा ने कहा कि बीजेपी ने ऐसे किसी बदलाव के लिए सहमति नहीं दी थी और अगर किसी बदलाव को लेकर कोई तथ्य सामने आता है तो वह अदालत में रिकॉर्ड आने के बाद स्पष्ट होगा। उन्होंने चुनाव आयोग की ओर से 26 सितंबर को जारी स्पष्टीकरण का भी हवाला दिया।
सुप्रीम कोर्ट में क्या हुआ?
इस पूरे विवाद की शुरुआत Form 6 से जुड़े एक अतिरिक्त विवरण को लेकर हुई है। Form 6 का इस्तेमाल मतदाता सूची में नए मतदाता का नाम शामिल कराने के लिए किया जाता है।
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत ने कहा था कि अदालत ने किसी संशोधित Form 6 को मंजूरी नहीं दी है। अदालत ने संबंधित रिकॉर्ड और पक्षों का जवाब लेने की प्रक्रिया शुरू की है। इसका मतलब यह नहीं है कि सुप्रीम कोर्ट ने Form 6 को गैर-कानूनी घोषित कर दिया है। मामले में आगे की जांच और सुनवाई के बाद ही अदालत का निष्कर्ष सामने आएगा।
वहीं, चुनाव आयोग का कहना है कि Form 6 में बदलाव नहीं किया गया है और संबंधित घोषणा-पत्र SIR प्रक्रिया से जुड़ा हुआ है। आयोग ने राहुल गांधी के आरोपों को भ्रामक बताया है।
प्रदर्शन के बीच और बढ़ा राजनीतिक टकराव
Form 6 को लेकर यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब कांग्रेस और INDIA गठबंधन के नेता CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। विपक्षी दल SIR और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर चुनाव आयोग से सवाल पूछ रहे हैं और CEC के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
वहीं, बीजेपी का कहना है कि विपक्ष सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों को अपने राजनीतिक आरोपों के समर्थन में पेश कर रहा है। संबित पात्रा ने राहुल गांधी पर सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही को गलत तरीके से पेश करने का आरोप लगाया।
इस विवाद में फिलहाल तीन अलग-अलग पक्ष सामने हैं—विपक्ष के आरोप, चुनाव आयोग का स्पष्टीकरण और बीजेपी का राजनीतिक पलटवार। Form 6 से जुड़े कानूनी सवालों पर अंतिम स्थिति अदालत की आगे की सुनवाई और रिकॉर्ड की जांच के बाद स्पष्ट होगी।








