समाचार गढ़ 2 जुलाई 2026, जयपुर। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य की सरकारी भुगतान व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखते हुए गंभीर वित्तीय संकट का दावा किया है। गहलोत ने कहा कि प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों, पेंशनभोगियों, दुर्घटना पीड़ित परिवारों, अस्पतालों, दवा विक्रेताओं और ठेकेदारों सहित कई वर्गों के भुगतान लंबे समय से अटके हुए हैं, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
गहलोत ने अपने पत्र में लिखा कि यह किसी एक विभाग या योजना की समस्या नहीं है, बल्कि प्रदेशभर में भुगतान व्यवस्था प्रभावित होने से आमजन और सेवा प्रदाताओं का सरकार पर भरोसा कमजोर हो रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर लोगों को राहत दिलाने की मांग की।
गहलोत ने आरोप लगाया कि आरजीएचएस (RGHS) योजना के तहत निजी अस्पतालों, डायग्नोस्टिक सेंटरों और दवा विक्रेताओं का करोड़ों रुपये का भुगतान महीनों से लंबित है। उन्होंने कहा कि कई अस्पतालों ने भुगतान नहीं मिलने के कारण योजना के तहत सेवाएं सीमित करने या एमओयू समाप्त करने तक की चेतावनी दी है। ऐसे में कर्मचारियों और पेंशनरों को कैशलेस इलाज के बजाय पहले अपनी जेब से खर्च करना पड़ रहा है।
उन्होंने मुख्यमंत्री चिरंजीवी और आयुष्मान दुर्घटना बीमा योजना का भी उल्लेख करते हुए कहा कि दुर्घटना में मृतकों के परिजनों को मिलने वाली पांच लाख रुपये की सहायता राशि के कई मामलों में स्वीकृति के बावजूद भुगतान नहीं हुआ है। इससे पीड़ित परिवार आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।
गहलोत ने पत्र में यह भी कहा कि राज्य के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को जीपीएफ, ग्रुप बीमा, ग्रेच्युटी और अर्जित अवकाश (पीएल) जैसी देय राशि समय पर नहीं मिल रही है। इसके अलावा कई जिलों में सामाजिक सुरक्षा पेंशन भी महीनों से लंबित है, जिससे बुजुर्ग, विधवा और दिव्यांग पेंशनभोगियों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि ट्रेजरी से पास हो चुके बिलों का भुगतान भी नहीं हो रहा, जिससे सड़क, पेयजल और अन्य विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि छोटे ठेकेदारों को अपने भुगतान के लिए सार्वजनिक रूप से सरकार का ध्यान आकर्षित करना पड़ रहा है और इससे हजारों श्रमिकों व छोटे उद्यमियों की आजीविका प्रभावित हो रही है।
गहलोत ने पत्र के अंत में कहा कि यह केवल प्रशासनिक लापरवाही का मामला नहीं, बल्कि लाखों परिवारों की आजीविका और सम्मान से जुड़ा विषय है। उन्होंने मुख्यमंत्री से समय रहते आवश्यक निर्णय लेकर लंबित भुगतानों का शीघ्र समाधान करने की अपील की।









