जमीनी रंजिश ने पकड़ा तूल, बुजुर्ग के प्लॉट की बाड़ को आग के हवाले किया, बहू से भी की बदसलूकी
समाचार गढ़, 9 जून 2025, श्रीडूंगरगढ़।
गांवों में ज़मीन से जुड़ी कहानियाँ अब सिर्फ कागज़ों तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि झगड़ों और जलती हुई बाड़ तक आ पहुँची हैं। जालबसर गांव में एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां पुरानी जमीन को लेकर उपजे विवाद ने आग का रूप ले लिया।
60 वर्षीय रामचंद्र पुत्र पूर्णाराम जाट ने पुलिस को बताया कि गांव में उसका एक रिहायशी भूखंड है, जिसकी चारदीवारी और बाड़बंदी पूर्व में करवाई जा चुकी थी। उसके अनुसार, इसी भूखंड से सटे मकान में उसका पुत्र महेंद्र रहता है, जो इन दिनों मजदूरी के सिलसिले में बाहर गया हुआ है।
रामचंद्र ने आरोप लगाया कि 5 जून की दोपहर करीब साढ़े तीन बजे गांव का ही पुरखराम पुत्र चुनाराम उनके भूखंड पर आया और बिना किसी अनुमति के बाड़ उखाड़ने लगा। जब परिवादी की बहू ने विरोध जताया तो आरोपी ने उसके साथ अभद्र व्यवहार किया, जिससे डरकर वह घर के अंदर भाग गई। इसके बाद आरोपी ने सारी सीमाबंदी में आग लगा दी।
रामचंद्र के अनुसार, घटना के बाद जब आरोपी को ग्रामीणों की मौजूदगी में ओलमा दिया गया तो उसने अपनी गलती मानी और दोबारा बाड़बंदी करवाने का वादा किया, मगर अब वह साफ इनकार कर रहा है। थाने में दर्ज मामले की जांच हैड कांस्टेबल रामस्वरूप को सौंपी गई है।
















