Nature Nature

दिनांक 6 अक्टूबर 2022 के पंचांग के साथ जानें खास बातें आचार्य राजगुरु पंडित रामदेव उपाध्याय के साथ

Nature

दिनांक 06 -10 -2022 के पंचांग के साथ जाने और भी कई खास बातें आचार्य राजगुरू पंडित रामदेव उपाध्याय के साथ
श्री गणेशाय नम:

तिथि वारं च नक्षत्रं
योगो करणमेव च ।
पंचागं श्रृणुते नित्यं
श्रीगंगा स्नानं फलं लभेत् ।।
शास्त्रों के अनुसार नित्य पंचांग के तिथि, वार, नक्षत्र ,योग ,करण आदि पांच अंगों को सुनने से गंगा स्नान के बराबर फल मिलता है अतः नित्य पंचांग अवश्य सुनना चाहिए।। *आज का पंचांग*

दिनांक- 06/10 /2022
श्री डूंगरगढ़
अक्षांश – 28:06
रेखांश – 74:04
पंचांग
विक्रम संवत् – 2079
शक संवत् – 1944
* ऋतु – शरद
* अयन- दक्षिणायण
* मास – आश्विन
* पक्ष- शुक्ल
* तिथि-एकादशी 09:36 A.M.
* वार- गुरुवार
* नक्षत्र – धनिष्ठा 19:37 P.M.
* योग-शूल 26:11:12 P.M.
* करण- 1.विष्टि (भद्रा ) प्रातः 09:32 उपरांत 2. बव
* चंद्र राशि – मकर प्रातः 08:23 उपरांत कुंभ
*चंद्र बल – मेष, वृषभ, सिंह, कन्या, धनु, मकर एवं प्रातः 08:23 उपरांत मिथुन, तुला, कुंभ ।

सम्वत् नाम – शुभकृत
सूर्योदय – 06:32 A.M. सूर्यास्त -06:12 P.M.
दिनमान – 11:40
रात्रिमान – 12:20 *शुभ समय* अभिजित मुहूर्त मध्याह्न-11:58 बजे से12:46 तक

अशुभ समय
यमगण्ड – प्रातः 06:00 बजे से 7:30 तक राहुकाल- दोपहर-1:30 बजे से 3:00 बजे तक

*(विशेष- राहुकाल चक्र भारत के दक्षिण संभाग में ही मान्य है दक्षिण संभाग के लोगों को शुभ कार्यो में राहु काल के समय का त्याग करना चाहिए किंतु उत्तर भारत में राहुकाल का समय शुभ कार्यों में त्यागने की आवश्यकता नहीं है । ) **
कालवेला या अर्द्धयाम

  1. सायं 03:17 बजे से 04:44:30 बजे तक 2. रात्रि 12:22:00 बजे से 01:54:30 तक
    गुलिक काल – प्रातः 09:00 बजे से 10:30 बजे तक
    दिशा शूल – दक्षिण दिशा में यात्रा वर्जित है
    चौघड़िया ( दिन)
    1.शुभ- प्रातः06:32 बजे से 07:59:30 तक
    2.रोग-प्रातः 07:59:30बजे से 09:27:00 तक
    3.उद्वेग-प्रातः 09:27:00बजे से 10:54:30 तक
    4.चंचल-प्रात:10:54:30 बजे से 12:22:00 तक
    5.लाभ- दोपहर 12:22:00 बजे से 01:49:30 तक
    6.अमृत-दोपहर 01:49:30 बजे से 03:17: 00 तक
    7.काल-सायं 03:17: 00 बजे से 04:44:30 तक (काल वेला निषेध )
    8.शुभ- सायं 04:44:30 बजे से 06:12:00 तक ( वारवेला निषेध )

चौघड़िया ( रात्रि)
1.अमृत- रात्रि 06:12 बजे से 07:44:30 तक
2.चंचल-रात्रि 07:44:30 बजे से 09:17:00 तक
3.रोग-रात्रि 09:17:00 बजे से 10:49:30 तक
4.काल-रात्रि 10:49:30 बजे से 12:22:00 तक (काल वेला निषेध )
5.लाभ-रात्रि 12:22:00 बजे से 01:54:30 तक
6.उद्वेग-रात्रि 01:54:30 बजे से 03:27: 00 तक
7.शुभ-रात्रि 03:27: 00 बजे से 04:59:00 तक
8.अमृत-रात्रि 04:59:00 बजे से 06:32: 00 तक

विशेष पर्व
पापाकुंशा एकादशी व्रत

राजगुरु पंडित रामदेव उपाध्याय ( शास्त्री-आचार्य ,ज्योतिष विद्, बी.ए.)
भू.पू. सहायक आचार्य
श्री ऋषिकुल संस्कृत विद्यालय
श्री डूंगरगढ़
M.N. 9829660721

  • Related Posts

    शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला, स्कूलों की जवाबदेही तय

    समाचार गढ़। राजस्थान सरकार ने 5वीं बोर्ड परीक्षा प्रणाली में बड़ा बदलाव किया है। अब छात्रों को पास होने के लिए न्यूनतम अंक लाना अनिवार्य होगा। शिक्षा का अधिकार अधिनियम…

    धीरदेसर पुरोहितान निवासी नितिश मेहरा ने दिल्ली साहित्य महोत्सव में दी कालजयी ग़ज़लों की भावपूर्ण प्रस्तुति

    धीरदेसर पुरोहितान निवासी नितिश मेहरा ने दिल्ली साहित्य महोत्सव में दी कालजयी ग़ज़लों की भावपूर्ण प्रस्तुतिसमाचार गढ़, श्रीडूंगरगढ़। धीरदेसर पुरोहितान निवासी युवा ग़ज़ल गायक नितिश मेहरा ने राजधानी दिल्ली में…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला, स्कूलों की जवाबदेही तय

    शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला, स्कूलों की जवाबदेही तय

    धीरदेसर पुरोहितान निवासी नितिश मेहरा ने दिल्ली साहित्य महोत्सव में दी कालजयी ग़ज़लों की भावपूर्ण प्रस्तुति

    धीरदेसर पुरोहितान निवासी नितिश मेहरा ने दिल्ली साहित्य महोत्सव में दी कालजयी ग़ज़लों की भावपूर्ण प्रस्तुति

    श्रीडूंगरगढ़ मंडी भाव अपडेट

    श्रीडूंगरगढ़ मंडी भाव अपडेट

    श्रीडूंगरगढ़ में महाशिवरात्रि पर गूंजेगा शिव नाम, श्री भूतेश्वर मंदिर में होगा चार प्रहर पूजन

    श्रीडूंगरगढ़ में महाशिवरात्रि पर गूंजेगा शिव नाम, श्री भूतेश्वर मंदिर में होगा चार प्रहर पूजन

    दुलारी बाई नाटक से होगा रंग आनंद नाट्य समारोह का आगाज

    दुलारी बाई नाटक से होगा रंग आनंद नाट्य समारोह का आगाज

    हिन्दू सम्मेलन। समाज में समरसता हो, पंच परिवर्तन से राष्ट्र निर्माण का लें संकल्प – गोपाल जी शास्त्री

    हिन्दू सम्मेलन। समाज में समरसता हो, पंच परिवर्तन से राष्ट्र निर्माण का लें संकल्प – गोपाल जी शास्त्री
    Social Media Buttons
    error: Content is protected !!
    Verified by MonsterInsights