समाचार-गढ़ 25 सितंबर, 2026।
राजस्थान में पंचायती राज चुनाव की तैयारियों के बीच सरपंच और वार्ड पंच पदों के लिए आरक्षण लॉटरी की प्रक्रिया पूरी हो गई है। प्रदेश की 14,403 ग्राम पंचायतों में सरपंच और 1,30,584 वार्ड पंच पदों के लिए आरक्षण की स्थिति अब स्पष्ट हो गई है। आरक्षण के आंकड़ों में महिलाओं के साथ-साथ एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के लिए भी बड़ी संख्या में पद आरक्षित किए गए हैं।
7,200 महिला सरपंच बनेंगी
आरक्षण लॉटरी के बाद प्रदेश में करीब 7,200 सरपंच पद महिलाओं के लिए आरक्षित हुए हैं। वहीं, सरपंच के कुल 14,403 पदों में एसटी के लिए 3,058, एससी के लिए 2,493 और ओबीसी के लिए 1,961 पद आरक्षित किए गए हैं।
इस तरह पंचायत चुनाव में महिलाओं और आरक्षित वर्गों की भागीदारी के लिए बड़ी संख्या में पद तय किए गए हैं।
1,30,584 वार्ड पंच पदों का भी आरक्षण
प्रदेश में वार्ड पंच के कुल 1,30,584 पद हैं। इनमें एससी के लिए 21,962, एसटी के लिए 19,117 और ओबीसी के लिए करीब 15,000 पद आरक्षित किए गए हैं। महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण के प्रावधान के चलते करीब 65 हजार से ज्यादा महिला वार्ड पंच चुनी जाएंगी।
आरक्षण के बाद अब संबंधित ग्राम पंचायतों में इसी आधार पर चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
चार जिलों में एसटी के लिए सभी पद आरक्षित
राजस्थान के बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़ और सलूंबर जिलों में पंचायती राज पदों के आरक्षण की व्यवस्था अलग है। इन चार जिलों में सरपंच के सभी 1,253 पद एसटी वर्ग के लिए आरक्षित किए गए हैं। इनमें बांसवाड़ा के 327, डूंगरपुर के 442, प्रतापगढ़ के 277 और सलूंबर के 207 सरपंच पद शामिल हैं।
इन चारों जिलों में सरपंच पदों के लिए एससी और ओबीसी आरक्षण नहीं रखा गया है।
अब चुनाव कार्यक्रम पर नजर
आरक्षण लॉटरी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सरपंच, पंच, पंचायत समिति सदस्य, प्रधान और जिला परिषद सदस्य पदों के आरक्षण से जुड़ा विवरण राज्य निर्वाचन आयोग को भेजा जाएगा। इसके बाद चुनाव कार्यक्रम जारी किया जाएगा। हाईकोर्ट के निर्देश के अनुसार राजस्थान में पंचायती राज चुनाव की पूरी प्रक्रिया 15 नवंबर 2026 तक पूरी की जानी है।








