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पीड़ित मानवता की सेवा में सतत् संलग्न–तुलसी सेवा संस्थान, 8.15 बजे होगा सिटी स्कैन मशीन का लोकार्पण

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समाचार गढ़। श्रीडूंगरगढ़ की उल्लेखनीय और जरूरी संस्थाओं में एक है- तुलसी सेवा संस्थान। तीन दशक पूर्व अध्यात्म ज्योति आचार्य श्री तुलसी के अमृत वचनों से श्रीडूंगरगढ़ के कतिपय उत्साही युवकों को अपने शहर में कुछ जनोपयोगी नया उपक्रम प्रारंभ करने की प्रेरणा मिली। इन युवाओं में अग्रणी थे-श्री जतनलाल पारख, भीखमचंद पुगलिया, जतनलाल पुगलिया, बजरंग लाल सेठिया, साथ में थे श्री धर्मचन्द्रजी पुगलिया, धनराजजी पुगलिया, सुमेरमलजी डागा,अमोलक जी सेठिया और कुछ अन्य सज्जनवृंद। तय किया गया कि चिकित्सा सेवा के क्षेत्र में काम किया जाए। छोटे रूप में चिकित्सा सेवाएं देने का प्रारंभिक मन था, किंतु करनेवालों के मन में पवित्रता हो तो परमात्मा पूरा अवसर देते हैं। अंततः श्रीडूंगरगढ़ गौरव के रूप में सन 1993 को तुलसी सेवा संस्थान अस्तित्व में आया और सब तरह से वह पूरी तहसील को चिकित्सा सेवाएं देने लगा। चूंकि इसके संचालन में जुटे अधिकांश बंधु कलकत्ता प्रवासी थे, इसलिए मुख्य कार्यालय कलकत्ता के 11क्लाइव रो में रहा। एक व्यवस्थित ट्रस्ट के माध्यम से बहुत सुन्दर ढंग से यहां चिकित्सालय का संचालन किया जाने लगा और प्रति वर्ष नई-नई सेवाएं जुड़ने लगी। नई-नई मशीनें और उपकरण खरीदे गए। छूट के साथ दवाएं उपलब्ध कराई जाने लगी। नियमित सेवाओं के साथ साथ विभिन्न प्रकार के निःशुल्क चिकित्सा शिविर लगाए जाते रहे हैं। धीरे-धीरे इसमें नवजात शिशुओं के लिए नर्सरी, गहन चिकित्सा कक्ष, वेंटिलेटर, ऑपरेशन थियेटर, प्रसूति कक्ष, सोनोग्राफी, डिजिटल एक्स-रे, आधुनिक पेथोलाॅजी लेब, और भी ढेर सारी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई गई है। हर समय दस के लगभग विभिन्न स्पेशियलिटी के चिकित्सक उपलब्ध रहते हैं और सात चिकित्सकों के कैम्प लगते रहते हैं। निःस्वार्थ भाव से यह चिकित्सालय बिना किसी भेदभाव के चिकित्सा सेवाएं देने में अग्रणी है। एक दिन भी अगर यह चिकित्सालय अपनी सेवाएं न देवे तो पीड़ित जनों के लिए भारी मुसीबत हो जाए। इतने बड़े संस्थान का निर्वाह आसान नहीं होता। इस से जुड़े सभी जन सदभावी हैं। प्रत्येक तीन वर्ष से संस्थान के चुनाव होते हैं। पिछले तीन चुनावों में सर्व सम्मति से श्री भीखमचंदजी पुगलिया अध्यक्ष चुने जा रहे हैं। तुलसी सेवा संस्थान भाई भीखमचंदजी के हृदय की धड़कन है। उन्हें अन्य सहृदय बंधुओं का सहयोग और अपनत्व मिलता रहा है।
सत्र 2022 का वर्ष संस्थान के नवोत्थान का वर्ष कहा जा सकता है, इसी वर्ष रुकमानंद मालू परिवार ने एम्बुलेन्स भेंट की वहीं, रतनगढ़ के वासी और कोलकाता प्रवासी बुधमल दूगड़ परिवार ने सवा करोड़ रुपये की लागत वाली सीटी स्कैन मशीन इस चिकित्सालय को भेंट की है, जिसके लिए दो सुन्दर कक्ष निर्मित कर उसे स्थापित किया गया है। इस वर्ष चिकित्सालय के सभी बेड आधुनिक तथा और अधिक आरामदायक लगाए गए हैं।
आज युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमण जी के पावन चरण चिकित्सालय में पड़ेंगे। वे मंगलपाठ सुनाएंगे और बुधमल दूगड़ परिवार तथा नगर के सभी विशिष्ट जनों के सान्निध्य में सीटी स्कैन मशीन का लोकार्पण होगा। भाई धर्मचंद धाड़ेवा संस्थान के मंत्री हैं, वे भी इन दिनों अत्यंत सक्रियता से इस कार्य में जुटे हुए हैं, उन्हें चिकित्सालय प्रशासक सूर्य प्रकाश गांधी का पूरा सहयोग प्राप्त हो रहा है।
हम नमन करते हैं, उन दानदाताओं को जिन्होंने मुक्त मन से लाखों रुपयों की राशि भेंटकर चिकित्सकीय कार्यों में अपना योगदान किया है।
हम श्रीडूंगरगढ़ के निवासी सदैव अपने इस संस्थान के साथ खड़ा रहेंगे। इससे निःस्वार्थ काम करनेवालों को नैतिक बल मिलता है। आज प्रातः सवा आठ बजे सीटी स्कैन मशीन लोकार्पण समारोह आयोजित होगा।

पत्रकार व साहित्यकार डॉ. चेतन स्वामी की कलम से

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