राजस्थान में महंगे पेट्रोल-डीजल से बढ़ा संकट, सीमावर्ती जिलों में पेट्रोल पंपों की बिक्री 40% तक घटी
समाचार गढ़ 19 मई 2026। राजस्थान में पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों ने ईंधन कारोबार पर असर डालना शुरू कर दिया है। सीमावर्ती जिलों में पेट्रोल पंपों की बिक्री 25 से 40 प्रतिशत तक घट गई है। वाहन चालक पड़ोसी राज्यों से सस्ता ईंधन भरवा रहे हैं, जिससे कई पंप संचालकों को सीमित संचालन करना पड़ रहा है।
भीलवाड़ा में निरीक्षण विवाद के बाद पेट्रोल पंप संचालकों ने सामूहिक बंदी भी की। खाद्य मंत्री सुमित गोदारा के निर्देश पर विशेष जांच अभियान चलाया गया, जिसमें राज्यभर में 25 पेट्रोल पंपों के 43 नोजल सीज किए गए।
पंप संचालकों ने तेल कंपनियों पर सप्लाई सीमित करने के आरोप लगाए हैं। जयपुर में फिलहाल ईंधन सप्लाई सामान्य बताई जा रही है, लेकिन बढ़ती लागत से कारोबारियों पर दबाव बढ़ रहा है।
डीजल महंगा होने का असर कृषि और ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर भी दिखाई देने लगा है। माल ढुलाई और सिंचाई की लागत बढ़ने से बाजार में महंगाई का असर बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।













