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पैरों में दर्द होने के पीछे हो सकता है ये कारण, 5 काम करने से फौलादी बन जाएंगी लेग्स

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समाचार गढ़, 31 मई, श्रीडूंगरगढ। पूरे शरीर का भार पैरों पर टिका रहता है। शरीर की मजबूती, स्थिरता और संतुलन में पैर अहम भूमिका निभाते हैं। पैरों में ब्लड सर्कुलेशन की खराबी आम समस्या है। जिसकी वजह से पैरों की ताकत कम हो जाती है, साथ ही पैरों में दर्द की समस्या बनी रहती है।

पैरों में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाने के लिए योगा की जा सकती है। इस आर्टिकल में बताए योगा पोज की सीक्वेंस पैरों को स्ट्रेच करते हैं। यह लेग मसल्स का तनाव दूर करके ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाने में मदद करते हैं। अक्षर योग केंद्र के संस्थापक और योग गुरु हिमालयन सिद्ध अक्षर ने बताया कि योगा करते हुए गहरी सांस लेने पर ध्यान दें और अपनी स्पीड से अभ्यास करें। ये योगासन रक्त संचार को बढ़ाने में मदद कर सकते हैं, लेकिन किसी भी ऐसी स्थिति में जोर न लगाएं जिससे खिंचाव या असुविधा हो।

विपरीत करनी आसन

1.दीवार के पास बैठ जाएं और अपने कूल्हे को दीवार से लगाएं।
2.फिर धीरे से अपने पैरों को दीवार पर टिकाते हुए पीठ के बल लेट जाएं।
3.अपने कूल्हों को दीवार के जितना करीब हो सके आराम से लाएं।
4.हथेलियों को आसमान की तरफ करके कूल्हों के पास जमीन पर आराम करने दें।
5.आराम से लेट जाएं और पैरों का भार दीवार पर जाने दें।
6.5-10 मिनट के लिए इसी मुद्रा में रहें और गहरी सांसों पर ध्यान दें।

अधोमुख श्वानासन

1.अपने हाथों और घुटनों के बल बैठें।
2.कलाई कंधों के नीचे और घुटने कूल्हों के नीचे रखें।
3.अपने पैरों के पंजों को मोड़ें और अपने कूल्हों को ऊपर उठाएं।
4.शरीर से उल्टे V की शेप बनाने के लिए अपने हाथों और पैरों को सीधा करें।
5.अपने हाथों को जमीन पर दबाएं, अपनी रीढ़ को लंबा करें और अपनी पिंडलियों को एक्टिव करें।

उत्कटासन

1.ताड़ासन की मुद्रा से शुरू करें और सांस छोड़ते हुए आगे की तरफ थोड़ा झुकें।
2.आपको कूल्हों से झुकना है और रीढ़ को बिल्कुल सीधा रखना है।
3.आवश्यकतानुसार अपने घुटनों को थोड़ा मोड़ें ताकि पिछली जांघों में हल्का खिंचाव बना रहे।
4.अपने सिर को मजबूत रहने दें और अपनी गर्दन व कंधों को आराम दें।

पादहस्तासन

1.ताड़ासन में खड़े हों।
2.सांस लें और फिर सांस छोड़ते हुए आगे की ओर झुकें।
3.अपने पैरों और पिंडलियों को सीधा रखें।
4.अपने सिर और गर्दन को आराम दें और घुटनों तक लाने की कोशिश करें।
5.30 सेकंड से 1 मिनट तक रुकें, फिर धीरे-धीरे वापस ऊपर उठें।

जानु शीर्षासन

1.एक पैर को सीधा करके और दूसरा पैर मोड़कर बैठ जाएं।
2.सांस भरें और अपनी रीढ़ को लंबा करें।
3.सांस छोड़ते हुए अपने कूल्हों से आगे की ओर झुकें।
4.सीधे पैर तक पहुंचने की कोशिश करें।
5.30 सेकंड से 1 मिनट तक इसी अवस्था में रहें, फिर दूसरी तरफ से भी यही दोहराएं।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

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